Ticker

6/recent/ticker-posts

ग्राम पिपराहा का प्राचीन परमारकालीन शिव मंदिर

ग्राम पिपराहा (त्योंदा)  का परमारकालीन प्राचीन शिव  मंदिर

Lost Shiv Temple of Pipraha Village (Tyonda ) :

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर 


        साथियों आज के साप्ताहिक ब्लॉग में पुनः आपका स्वागत है। जैसा कि पिछले कुछ ब्लॉग में मैंने विदिशा और रायसेन के उन ऐतिहासिक मंदिरों पर ब्लॉग लिखा  है जो बहुत ही प्राचीन है और ऐतिहासिक महत्त्व के होने के बाद भी आज गुमनाम है और लगभग नष्ट प्रायः अवस्था में है। यह सभी मंदिर ऐतिहासिक नजरिये से महत्वपूर्ण होने के बाद भी अभी तक पुरातत्व विभाग द्वारा उपेक्षित है।  

ग्राम पिपराहा त्योंदा 

    पिपराहा के यह मंदिर कब बने , किसके द्वारा बनाये गए और और किन कारणों से आज नष्ट होने की अवस्था में यह कोई उल्लेख नहीं है , पर अभी भी समय है यदि हम आज भी इन मंदिरों, धरोहरों को सरंक्षित करने का प्रयास करे तो भी इन्हे बचाया जा सकता है जिससे आने वाले समय में इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमारे इतिहास को  जानने और समझने का जरिया बनेंगे। 

कहा भी जाता है कि "यदि अपना इतिहास नहीं जानोगे तो खुद को कैसे पहिचानोगे "

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर 

आज के ब्लॉग का विषय है ग्राम पिपरहा त्योंदा ब्लॉक  में मौजूद भग्न परमारकालीन शिव मंदिर और प्राचीन गढ़ी  :

        विदिशा बासौदा मार्ग पर त्योंदा ब्लॉक  में स्थित ग्राम पिपराहा एक महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल है।  इस ग्राम से परमार कालीन 11वीं 12वीं सदी ईस्वी में निर्मित भव्य मंदिर के अवशेष, चोपड़ा तथा सती स्तंभ मिले हैं, खंडित मंदिर का मंडप तथा प्रवेश द्वार मूलतः अभी भी विद्यमान है जबकि गर्भगृह  और मंडप नष्ट हो चुके हैं. जिससे यह स्पष्ट है की ग्राम पिपराहा का इतिहास एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन है। 

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर के अवशेष 

पिपराहा का प्राचीन परमारकालीन भग्न शिव मंदिर : 

        यह मंदिर वर्तमान में अधिकांश रूप से ध्वस्त हो चुका है। अवशिष्ट मंडप तथा प्रवेश द्वार से इस मंदिर की भव्यता तथा इसकी योजना का अनुमान लगाया जा सकता है। वर्तमान में मंदिर के मंडप मात्र तीन स्तंभों के सहारे टिकी हैं। स्तंभ अलंकृत थे तथा अधिष्ठान भाग चौकोर है जिस पर घट पल्लव अलंकरण है। मध्य भाग अष्ट कोणीय तत्पश्चात 16 कोणीय है। ऊपर की तरफ भारवाहक कंगूरा है. स्तंभ तथा प्रवेश द्वार के सारे  छत का समतल प्रस्तर सधा हुआ है। 
 
ग्राम पिपराहा का नया बना हुआ मंदिर 

        मंदिर की जगती एक मीटर ऊंची है । खुर, कुम्भ, अंतरपट से अलंकृत है। प्रवेश द्वार के दाएं तथा बाएं शाखा पर नीचे भाग में द्वारपाल तथा नदी देवी गंगा यमुना का अंकन है। द्वारा शाखा पर ऊपर की ओर का स्तंभ अलंकरण से सुसज्जित है। सिरदल पर मध्य में नटराज शिव तथा पार्श्व में मातृकायों का अंकन है। ललाट बम पर गणेश बने हुए है। ग्रामीण इसी मंदिर के समीप एक अन्य नवीन मंदिर का निर्माण किए हैं जिसकी दीवारों पर अनेक प्राचीन प्रतिमाओं को लगा दिया गया है।  

ग्राम पिपराहा का प्राचीन ग्राम के अवशेष 

        पिपराहा ग्राम का यह भव्य मंदिर कला शैली की दृष्टि से परमार कालीन वस्तु परंपराओं से युक्त है.  वर्तमान अवशेष देख कर लगता है संभवतः यह एक विशाल शिव मंदिर रहा है। 

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर 

 नदी देवी युक्त द्वारा शाखा : यह किसी मंदिर का भग्न बांया द्वारा शाखा है जिसमें नीचे की ओर नदी देवी तथा द्वारपाल का अंकन है ऊपर की ओर प्रथम तीन कोष्ठ में प्रतिमाओं का अंकन किया गया है।

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर अवशेष 

 नवग्रह पट्ट : नवग्रह पट्ट में सूर्य सहित समस्त ग्रह मंगल,बुध, गुरु, शुक्र,शनि तथा राहु केतु प्रदर्शित है सूर्य के साथ दांडी तथा पिंगल भी है। ग्रहो का दायां हाथ अभय मुद्रा में है तथा बाएं हाथ में कमंडल लिए हुए हैं।

हनुमान प्रतिमा : हनुमान जी की प्रतिमा दो भागों में टूटी हुई है। अधो भाग अलग-अलग पड़े हुए हैं एक अन्य स्थान पर गणेश विष्णु खंडित हनुमान सती प्रस्तर शिवलिंग और अनेक मूर्तियां रखी हुई हैं।  
 
ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर में गणेश मूर्ति 

पिपराहा में स्थल पर पड़े हुए अवशेषों।, सती प्रस्तर।,शिवलिंग और अनेक स्थापत्य खंड रखे हुए हैं। ग्राम में मध्य में पेड़ के नीचे भी कई प्राचीन मूर्तिया रखी हुई है। अधिकांश मूर्तियों पर ग्रामवासियों ने सिन्दूर लेपन कर दिया है।  

ग्राम पिपराहा की गढ़ी  दरवाजा 


ग्राम पिपराहा में मंदिर के अलावा एक प्राचीन गढ़ी के खंडहर भी मौजूद है।  गढ़ी का मुख्य दरवाजा अभी भी अच्छी अवस्था है। दीवारे एवं अन्य हिस्से नष्ट हो चुके है। स्थापत्य दृष्टि से यह 200 से 300 वर्ष प्राचीन लगती है।  इसके परकोटे में पुराने  मकान भी बने हुए है। एक बाबड़ी भी इसी परिसर मौजूद है। 

ग्राम पिपराहा का प्राचीन मंदिर के अवशेष 

 निश्चित ही ग्राम पिपराहा प्राचीन समय में एक विशाल ग्राम रहा होगा एवं यहाँ का शिव मंदिर भी भव्य रहा होगा और आज के समय में इस धरोहर को सरंक्षित करने की आवश्यकता है। 

ग्राम पिपराहा ( त्योंदा ) के शिव  कैसे पहुंचे :

        ग्राम पिपराहा विदिशा जिले की त्योंदा तहसील में है। गंजबासोदा रेलवे स्टेशन नजदीकी स्टेशन है और यहाँ तक तक आप ट्रैन से आ सकते है। गंजबासोदा से त्योंदा तक बस या  ऑटो आसानी से मिल जाते है।  त्योंदा से आप निजी ऑटो या निजी वाहन से आसानी से पिपराहा तक पहुँच सकते है। 

ग्राम पिपराहा के शिव  मंदिर की चित्र दीर्घा :



  

             ग्राम पिपराहा त्योंदा का दृश्य 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का दृश्य


ग्राम पिपराहा त्योंदा जाने का रास्ता 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान का गेट 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का प्राचीन मकान 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 


ग्राम पिपराहा त्योंदा की गढ़ी 



ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  के अवशेष 


ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  का प्रवेश द्वार 


ग्राम पिपराहा त्योंदा का नया मंदिर 


ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  के दीवार में लगे प्राचीन मूर्तियां  


ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  के दीवार में लगे प्राचीन मूर्तियां  


ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  के दीवार में लगे प्राचीन मूर्तियां  


ग्राम पिपराहा त्योंदा के मंदिर  के दीवार में लगे प्राचीन मूर्तियां  


ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर  


ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 



ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर में नंदी मूर्ति 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर में सटी स्तम्भ 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर में गणेश मूर्ति 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा 

ग्राम पिपराहा त्योंदा पुराणी गढ़ी का दरवाजा 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 

ग्राम पिपराहा त्योंदा का परमारकालीन शिव मंदिर 










Post a Comment

2 Comments

  1. "प्राचीन देवी-देवताओं की यह दिव्य मूर्ति बहुत ही मनमोहक है। हर-हर महादेव!"

    ReplyDelete
  2. बहुत बढ़िया जानकारी भरा लेख 🙏

    ReplyDelete